लखनऊ, 20 अक्टूबर। रसूल अल्लाह हज़रत पैग़म्बर मोहम्मद मुस्तफा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की इकलौती बेटी हज़रत फातिमा ज़हरा की शहादत के सिलसिले में पिछले कई वर्षों से लखनऊ सहित हिंदुस्तान, पाकिस्तान, इराक और ईरान में लगभग 10 दिन तक अज़ादारी का सिलसिला चलाया जा रहा है। जिस तरह हज़रत इमाम हुसैन (अलैहिस्सलाम) की शहादत को संप्रदाय मनाता है, उसी तरह अब हज़रत फातिमा ज़हरा की शहादत का भी दुनिया भर में आयोजन हो रहा है।
इसी सिलसिले में लखनऊ के रुस्तम नगर स्थित न्यू नजफ़ के शबीह-ए-बैतुल हुज़न में तीन दिवसीय विशेष मजलिस का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम 23, 24 और 25 अक्टूबर 2026 (जुमा, हफ़्ता और इतवार) को शाम 8 बजे से शुरू होगा।
इन तीनों दिनों की मजलिस में पहले मजलिस को मौलाना अब्बास इरशाद नक़वी, दूसरी मजलिस को मौलाना अली मुत्तकी ज़ैदी और तीसरी मजलिस को सैयद अबू तालिब महदी खिताब फरमाएंगे।
सभी मजलिसों का आगाज तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से किया जाएगा। मजलिस के बाद अंजुमन हाए मातमी दस्ते नौहा ख्वानी वा सीना ज़नीं करेंगी।
इस आयोजन की जिम्मेदारी मातमी दस्ता उम्मुल मसाइब (स.अ.) ने संभाली है। तमाम अज़ादारों से इन मजलिसों में शिरकत करने की गुज़ारिश की गई है। संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 79052 87136 उपलब्ध है।
यह कार्यक्रम हज़रत फातिमा ज़हरा (स.अ.) की याद में पुरानी लखनऊ परंपरा के अनुसार चलाया जा रहा है, जिसमें अज़ादारों को मसाइब सुनने और मातम करने का मौका मिलेगा।






