हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की शहादत की याद में पाँच दिवसीय मजलिसों का आयोजन
लखनऊ, 13 अक्टूबर ।
हज़रत पैग़म्बर मोहम्मद मुस्तफ़ा (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की लाडली बेटी, हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (सलामुल्लाह अलैहा) की शहादत की याद में पुराने लखनऊ स्थित कर्बला दयानतुद्दौला, बहादुर, काज़मैन रोड मे 1 से 5 नवंबर 2026 तक पाँच दिवसीय कदीम ख़म्सा-ए-मजालिस का आयोजन किया जाएगा। मजलिस शब में 8 बजे आयोजित होंगी।
इस आयोजन में हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की शहादत के ग़म और उनकी सीरत को बयान किया जाएगा। शिया मान्यताओं के अनुसार, रसूल-ए-अकरम (स.अ.व.) की इस अज़ीज़ बेटी को पहुंचाई गई तकलीफ़ों और उनकी शहादत का ग़म मोमिनीन के लिए विशेष महत्व रखता है। हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ.स.) की पत्नी और इमाम हसन (अ.स.) व इमाम हुसैन (अ.स.) की वालिदा थीं।
इत्तिला के मुताबिक़, 1 नवंबर को मौलाना अबूतालिब मेहदी, 2 नवंबर को मौलाना आबिस काज़िम जरवली, 3 नवंबर को मौलाना अली मुत्तक़ी ज़ैदी , 4 नवंबर को मौलाना ग़ुलाम हुसैन सदफ़ जौनपुरी और 5 नवंबर को मौलाना अली मुत्तक़ी ज़ैदी ख़िताब करेंगे। मजलिस का आगाज़ क़ारी फ़ुरक़ान साहब की तिलावत से होगा ओर जनाब ताहिर कानपुरी साहब इन मजलिसों की निज़ामत करेंगे।
इत्तिला के मुताबिक़ नौहा ख्वानी के लिए अंजुमन रज़ा-ए-हुसैन, अंजुमन काज़मिया आबिदिया, अंजुमन दस्त-ए-ख़तीबुल इमाम, अंजुमन दस्ता -ए- औन -ओ – मोहम्मद और अंजुमन अफ़्ताब-ए- हुसैनी के नाम भी दिए गए हैं।
मिर्ज़ा मज़हर अमीर की ओर से होगा आयोजन
इन मजलिसों का आयोजन मिर्ज़ा मज़हर अमीर व जुमला सोग़वाराने सय्यदा (स.अ.) की जानिब से किया जा रहा है। मिर्ज़ा मज़हर अमीर लंबे समय से अहलेबैत (अ.स.) की मोहब्बत और उनकी शिक्षाओं से जुड़े धार्मिक आयोजनों में सक्रिय हैं। वे विलादत के मौक़ों पर महफ़िलों के आयोजन के साथ-साथ अज़ादारी की मजलिसों के ज़रिये भी अहलेबैत (अ.स.) से अपनी अकीदत का इज़हार करते हैं।
हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) की शहादत का ग़म शिया समुदाय की धार्मिक और रूहानी ज़िंदगी में विशेष स्थान रखता है। पहले कई स्थानों पर शहादत की मजलिसें एक या दो दिन तक आयोजित किए जाने का चलन था, लेकिन पिछले कई वर्षों में कुछ क्षेत्रों में इस सिलसिले में कई दिनों तक मजलिसों और अज़ादारी के आयोजन देखने को मिल रहे हैं। यह परंपरा मोमिनीन को अहलेबैत (अ.स.) की कुर्बानियों, उनके सब्र और उनके हक़ की याद दिलाती है।
आयोजक मिर्ज़ा मज़हर अमीर ने मोमिनीन से अपील की है कि वे बड़ी तादाद में इन पाँचों मजलिसों में शिरकत कर हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स.अ.) के प्रति अपनी अकीदत और मोहब्बत का इज़हार करें।






