लखनऊ, 15 जून। मोहर्रम के नज़दीक आते ही राजधानी लखनऊ में अज़ादारी और मजलिसों के कार्यक्रमों की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। जगह-जगह मोहर्रम के इस्तक़बाल में मजलिसों, मातमी कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के ऐलान जारी किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुसाहिबगंज क्षेत्र स्थित ख़ानाबाद-ए-कैसर मरहूम मिर्ज़ा साहब की ओर से अशरा-ए-मजलिस का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों द्वारा जारी पोस्टर के अनुसार यह सिलसिला 1 मोहर्रम से 9 मोहर्रम 2026 तक प्रतिदिन रात्रि 8:15 बजे से आयोजित होगा।
मजलिस का आयोजन अज़ाखाना मरहूम कैसर मिर्ज़ा साहब, मुसाहिबगंज (बब्बे वाली सड़क), लखनऊ में किया जाएगा। मजलिस को प्रसिद्ध आलिमे-दीन मौलाना मिर्ज़ा मेहदी अब्बास साहब ख़िताब फरमाएंगे। आयोजकों ने तमाम मोमिनीन से मजलिस में शिरकत कर सवाबे-दारेन हासिल करने की अपील की है। साथ ही यह भी बताया गया है कि मजलिस निर्धारित समय के साथ शुरू होगी। ज्ञात हो कि मोहर्रम का महीना हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 वफ़ादार साथियों की अज़ीम कुर्बानी की याद दिलाता है।
कर्बला में इमाम हुसैन (अ.स.) ने ज़ुल्म, अन्याय और बातिल के सामने समझौता करने के बजाय शहादत को स्वीकार किया, ताकि इंसानियत, इंसाफ़ और दीन-ए-इस्लाम के असली पैग़ाम की हिफ़ाज़त की जा सके। यही वजह है कि सदियां गुज़र जाने के बाद भी इमाम हुसैन (अ.स.) का पैग़ाम आज हर दिल में ज़िंदा है और मोहर्रम के दिनों में दुनिया भर में उनकी याद में मजलिसों और मातमी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इसी सिलसिले में 1 मोहर्रम से 9 मोहर्रम 2026 तक उपरोक्त स्थान पर अशरा-ए-मजलिस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अज़ादारों से बढ़-चढ़कर शिरकत करने की अपील की गई है।






