लखनऊ (सवांददाता) अपने पिता मुलायम सिंह यादव के पदचिन्हों पर चलते हुए यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी 25 नवंबर को अयोध्या में होने वाली धर्मसभा को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे है | उनके आज के दिए बयान के बाद से पता चल रहा है कि वो मुसलिम वोटों को अपने हाथो से नहीं निकलने देना चाह रहे है | उन्होंने आज दिए अपने बयान में कहा कि भाजपा को न तो सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास है और न ही संविधान पर। ये लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश और अयोध्या में जिस तरह का माहौल है उस पर सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए और अगर जरूरी हो तो सेना भेजी जाना चाहिए ।
अयोध्या में रविवार को धर्मसभा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में रामभक्तों के आने की संभावना है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आरएसएस ने पूरा जोर लगा दिया है।
यही नहीं विहिप ने कल अखिलेश यादव व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर राम मंदिर मुद्दे को लेकर ज़बानी हमला बोलते हुए कहा था कि जनेऊ पहनकर व मानसरोवर की यात्रा से हिंदू बनकर और रामनामी दुपट्टा ओढ़कर मंदिर का विरोध करने वालों को यह धर्मसभा अंतिम संदेश है। मंदिर निर्माण का विरोध छोड़ दें तो बेहतर है।





