गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
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निदा पर फतवे के मामले में आला हज़रत के परिजनों ने की एडीजी से मुलाकात

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निदा पर फतवे के मामले में आला हज़रत के परिजनों ने की एडीजी से मुलाकात

 

 निदा पर फतवे के मामले में आला हज़रत के परिजनों ने की एडीजी से मुलाकातलखनऊ (सवांददाता)। निदा खान के खिलाफ कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा की जा रही मुख़ालेफ़त के बाद दिए गए फतवे पर मचे बवाल के बाद आला हजरत खानदान के लोग पहली बार एडीजी से मिले और आधा घंटे से ज्यादा की मुलाकात में बात निदा खान से शुरू होकर हलाला पीडि़ता तक पहुंची। बीच में जिक्र चोटी काटकर देश से बाहर निकालने वाले मोईन सिद्दीकी का भी आया। यह बात भी उठी कि शीरान का कोई जुड़ाव नहीं होने के बाद भी हर मुकदमे में नाम शामिल कराया जा रहा है। भाजपा का नाम लिए बिना कहा गया कि एक राजनीतिक पार्टी के दबाव में फतवा देने वाले उलमा पर मुकदमा दर्ज हो गया। इंसाफ की मांग करते हुए कहा गया कि ये सब अच्छा नहीं हो रहा है। आला हजरत खानदान के लोगों ने कहा कि तलाक और हलाला को आधार बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन लोगो ने बताया कि निदा और शीरान में वैवाहिक रिश्ते खराब होने की वजह आपस में नहीं बनी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ महिलाएं राजनीतिक दल के इशारे पर शरीयत के खिलाफ बयानबाजी कर रही हैं। तलाक व हलाला के बारे में सही बात जानने के लिए जब उलमा ने सवाल के जवाब में फतवा दिया तो उन पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। फतवा देने पर हिंदुस्तान का यह पहला मुकदमा है। फतवे के जरिये उलमा कानून-ए-शरीयत बता रहे हैं। तलवार के जोर पर उसे लागू नहीं करा रहे। चोटी काटने की धमकी देने वाले मोईन के बारे में सब जानते हैं। फिर भी पुलिस ने उनके साथ मुकदमे में शीरान रजा का नाम भी शामिल कर लिया। फतवे को लेकर भी शीरान को नामजद किया गया। बरेली के किला थाने में बवाल को लेकर दर्ज मुकदमे में भी पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। आला हजरत खानदान के लोगों ने कहा कि फरहत नकवी से सुन्नियों का कोई मतलब नहीं है। वह शिया हैं, उन्हें सुन्नी मसाइल पर जुबान खोलने से रोका जाए। आला हजरत खानदान के लोगों ने मांग की कि निदा खान से लेकर हलाला पीडि़ता और अब फतवे को लेकर दर्ज मुकदमे में किसी आइपीएस अधिकारी से जांच कराई जाए। फतवे को लेकर जिन शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम के खिलाफ बारादरी पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, वह भी एडीजी से मुलाकात करने वालों में शामिल रहे। एडीजी प्रेमप्रकाश ने कहा कि आला हजरत खानदान के लोगों की बात सुनकर पुलिस किसी दबाव में नहीं बल्कि मेरिट पर कार्रवाई करेगी। न्याय होगा और शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि इस मामले में आइजी से कहेंगे कि वह स्वयं इस प्रकरण को देखें। तीन तलाक, बहु विवाह और हलाला पीडि़ताओं की लड़ाई लड़ रहीं मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी ने भी शनिवार को मोईन सिद्दीकी के खिलाफ बरेली के किला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मोईन ने धमकी भरा पत्र जारी करते हुए निदा खान व फरहत नकवी को भारत से भगाने, पत्थर से मारने व चोटी काटने वाले को 11786 रुपये का इनाम देने का एलान किया था। तीन दिन पहले निदा खान ने भी आरोपित पर बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। फिलहाल मोईन फरार चल रहे है। उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। फरहत नकवी ने शनिवार को मोईन के खिलाफ किला पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि तीन तलाक, बहु विवाह व हलाला का दंश झेल रहीं महिलाएं उनके पास मदद व कानूनी पैरोकारी के लिए आती हैं। मुस्लिम समाज के ठेकेदारों को यह बात खटक रही है। ऑल इंडिया फैजान-ए-मदीना काउंसिल के अध्यक्ष मोईन निवासी चक महमूद बारादरी ने उन्हें धमकी भरा पत्र जारी किया था। शहर भर में पर्चे बांटे थे। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद से लगातार उनके मोबाइल पर अश्लील वीडियो व मैसेज भेजे जा रहे हैं।

 

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