गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
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बिना वैक्सीन, 82,370 कोरोना मरीज़ कैसे सही कर दिए भाई ?

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बिना वैक्सीन, 82,370  कोरोना मरीज़ कैसे सही कर दिए भाई ?
Patna: Medics take samples from a patient in the isolation ward of novel coronavirus (COVID-19) at Patna Medical College and Hospital (PMCH) in Patna, Saturday, March 14, 2020. (PTI Photo)(PTI14-03-2020_000040B)

अगर यही है सत्य तो वैक्सीन की आवश्यकता क्यों ?

कोरोना वायरस (कोविड- 19 ) ने जिस तरह दुनिया में तबाही मचाई उससे अनेकों देशों में अभी तक दहशत व्याप्त है | जबतक कोरोना को मात देने की वैक्सीन मार्किट में नहीं आ जाती तबतक लोगों में इस वायरस का खौफ बरक़रार रहेगा | ये मैं मानता हूँ कि लॉकडाउन लगाए जाने से भारत सहित कई देशों में कोरोना ज़्यादा पनप नहीं सका वरना तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही होती |हालाँकि देश में लॉकडाउन लगाए जाने के बाद भी हमारे भारत का दुनिया में 9 वां स्थान है ,जो बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं है | देश में लॉकडाउन लगाए जाने से जहाँ कोरोना वायरस पर खासी लगाम लगी तो वहीँ लॉकडाउन से भारत की जनता कंगाली के कगार पर पहुंच गई ,देश की आर्थिक स्थित बिगड़ गई ,अब ऐसे हालात को देख कर सरकार ने भी लॉकडाउन में छूट दी और कार्यालयों को भी खोला ,क्योंकि बहुत दिनों तक लॉकडाउन देश को तबाही के मार्ग पर ले जाएगा |बिना वैक्सीन, 82,370  कोरोना मरीज़ कैसे सही कर दिए भाई ? अब सरकार जो भी फैसले ले रही है वो देशहित के लिए ज़रूरी हैं |अब सरकार पर कोई व्यंग करना मूर्खता के सिवा और कुछ भी नहीं होगा ,लेकिन यहाँ ये कहना ज़रूरी होगा कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए भी अवश्य विचार करे ,क्योंकि मध्यम वर्ग इस समय बहुत बुरे दौर से गुज़र रहा है | देश में कोरोना वायरस के कारण मौत का आंकड़ा अब 5 हजार के पास पहुंच गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना से अब तक 4971 लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक कुल 1,73,763 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में फिलहाल 86,422 एक्टिव केस हैं, वहीं 82,370 लोग ठीक हो चुके हैं | इस बीच देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में देश में रिकॉर्ड 7,964 मामले सामने आए हैं। इस दौरान सबसे ज्यादा 265 लोगों की मौत हुई है।

बिना वैक्सीन बने भारत के डॉक्टरों ने 82,370 कोरोना वायरस मरीज़ों को कैसे किया ठीक ?

ताजा आंकड़ों के मुताबिक यदि गौर किया जाए तो देश में अब तक कुल 1,73,763 मामले सामने आ चुके हैं,और स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश में फिलहाल 86,422 एक्टिव केस हैं, वहीं 82,370 लोग ठीक हो चुके हैं | अब प्रश्न ये है कि जब भारत ने अभी तक कोई वैक्सीन ही नहीं बनाया तो आखिर इन मरीज़ों को क्या जादू की झप्पी से सही कर दिया ? या किसी अन्य देश ने वैक्सीन बना ली है जिसस्ने भारत को भी वैक्सीन दी है ,या ये मान लिया जाए कि भारत खुद कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन बना चुका है | वरना ये बात गौरतलब है कि आखिर कोरोना से प्रभवित मरीज़ कैसे सही हो रहे हैं |बिना वैक्सीन, 82,370  कोरोना मरीज़ कैसे सही कर दिए भाई ? इस प्रश्न का जवाब लेने के लिए कई डॉक्टर्स से उत्तर तलाशने का प्रयास किया गया ,  डॉक्टर अयाज़ अहमद सिद्दीक़ी ने बताया कि दरअस्ल जो 82,370 मरीज़ ठीक हुए हैं उन्हें कोविड-19 के इलाज के लिए वैक्सीन नहीं दी गई ,क्योंकि ऐसी वैक्सीन हमारे भारत में अभी बनी ही नहीं | ये माना जा सकता है कि 82,370 लोग किसी और बीमारी से ग्रसित रहे होंगें जिन्हे डॉक्टर्स ने सही किया होगा, क्योंकि नज़ला ,खांसी ,बुखार , साँस फूलना और फेफड़ों में बलगम जमना कोई नई बीमारी नहीं और न ही ऐसे हर मरीज़ कोविड – 19 से ग्रसित होते हैं |अगर ये माना जाए कि मरीज़ के वायरस को इनएक्टिवेट किया जा रहा है और उसे स्वस्थ बताया जा रहा है ,तो ये कहना भी गलत है कि मरीज़ ठीक हो गया ,क्योंकि मरीज़ में मौजूद वायरस फिर से एक्टिव हो सकता है | यही नहीं बिना एंटी वायरल किसी भी वायरस को इनएक्टिवेट नहीं किया जा सकता ,अभी जो मरीज़ स्वस्थ हो रहे हैं उनकी सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाई जा रही है जिससे वो वायरस से लड़ सकें ,जबकि वैक्सीन से वायरस मरता नहीं बल्कि वैक्सीन खुद इम्मुनिटी पैदा करता है जो वैक्सीन से युद्ध जीत जाता है |  

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