लखनऊ,संवाददाता | कोविड-19 का क़हर सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में अपनी दहशत की छाप छोड़ने में सफल रहा है | कोरोना के कारण जहां लोगों के रोजगार चौपट हो गए वही किसी भी धर्म का कोई भी त्यौहार उचित रूप से संपन्न नहीं हो सका | खास बात तो यह है कि इस 2020 में आज हज करने वाले हज से भी वंचित रहे, लेकिन 2021 में हज यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है | आने वाले वर्ष यानी 2021 में हज यात्रा पर जाने की इच्छा रखने वाले अभी से तैयारियां शुरू कर दें, क्योंकि शीघ्र इसके लिए फार्म आने वाले हैं | सरकार की ओर से भी इस बात का ऐलान किया गया है कि हज कमेटी ऑफ इंडिया सहित अन्य भारतीय एजेंसियां हज 2021 के लिए आवेदन लेने और हज के लिए जरूरी दूसरी तैयारियां जल्द शुरू करेगी |

सऊदी अरब सरकार की ओर से हज 2021 को लेकर फैसला आते ही हज यात्रा के लिए आवेदन समय के अंदर शुरू करने का ऐलान कर दिया जाएगा | कोरोना के चलते इस बार भले ही हज यात्री हज को गए, लेकिन अगली हज यात्रा 2021 पूर्ण रूप से खुली रहने की उम्मीद है | इसके चलते कुछ व्यवस्था का परिवर्तन भी देखने को मिल सकता है |
केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार कोरोना महामारी के चलते दिशा निर्देशों को ध्यान में रखते हुए हज व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने पर बदलाव मुमकिन है | इसमें भारत और सऊदी अरब में रहने, ट्रांसपोर्टेशन वा स्वस्थ और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं |
देश में हज यात्रा के डिजिटल होने से यह लाभ हुआ है कि 2020 में हज यात्रा पर जाने वाले चयनित लोगों को उनके पूरे पैसे बड़ी ही आसानी से वापस मिल गए | केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के मुताबिक देशभर के १,23 ,000 लोगों के 2100 करोड़ रुपए बिना कटौती के डीडीटी के जरिए वापस कर दिए गए | सऊदी अरब सरकार ने भी 2018 -19 का हज यात्रियों के यातायात का करीब 100 करोड़ रूपया वापस किया है | पिछले 3 वर्षों के दौरान हज यात्रियों का 514 करोड़ रुपए सरप्लस भी कोरोना काल में वापिस किया गया |
हज यात्रा करने वालों के लिए जरूरी है कि अगर पासपोर्ट ना बना हो तो अप्लाई कर दें, आधार कार्ड , पैन कार्ड, बैंक अकाउंट वग़ैरह अभी से बन जाने के कारण 2021 का हज आसानी से किया जा सकता है |






