गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
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सीएए और एनआरसी के विरुद्ध हुए हिंसक प्रदर्शन के दोषियों पर होगी बड़ी कार्रवाई

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सीएए और एनआरसी के विरुद्ध हुए हिंसक प्रदर्शन के दोषियों पर होगी बड़ी कार्रवाई

सीएए और एनआरसी के विरुद्ध यूपी के 21 जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में योगी सरकार एक बार फिर गंभीर नज़र आ रही है | यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि इस साल भी उन मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, मुकदमों में चार्जशीट और तोड़फोड़ की रिकवरी की प्रक्रिया जारी रहेगी | एडीजी एलओ ने कहा कि सभी मामलों की विवेचना गुण दोष के आधार पर की जा रही है और जिनकी भूमिका नहीं मिली है उनके नाम मुकदमों से हटाए भी गए हैं |

हालाँकि तमाम ऐसे मामले भी हैं जिनमें आरोपियों की अबतक गिरफ्तारी नहीं हुई है, चार्जशीट नहीं लगी है, तोड़फोड़ की रिकवरी नहीं हुई है, इन मामलों में इस साल भी पुलिस सख्ती बरतेगी |

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बताते चलें , 2019 में सीएए विरोध की हिंसा में सूबे के 21 जिले सुलग उठे थे | तोड़फोड़, आगजनी में सरकारी और निजी संपत्तियों का भी भारी नुकसान हुआ और इन हिंसक प्रदर्शनों में पूरे यूपी में 510 मुकदमे दर्ज हुए थे | डीजीपी मुख्यालय से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में 2500 से अधिक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है | बताया जा रहा है कि सरकार उपद्रवियों से तोड़फोड़ में हुए नुकसान की वसूली भी  करेगी |

पुलिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक हिंसक प्रदर्शन में सूबे में 1.2 करोड़ रुपए की संपत्तियों का नुकसान हुआ था जिसमे अबतक 26.30 लाख की वसूली की जा चुकी है | 19-20 दिसंबर 2019 को लखनऊ, कानपुर समेत 21 जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में 896 आरोपियों को रिकवरी नोटिस जारी किया गया था | इसके अलावा 2514 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है जिनमे 586 आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया था जबकि 1800 आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में पुलिस प्रशासन जुट गया है |

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