गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026
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“क्या मुझे भी सड़क बनवाने के लिए अंतरिक्ष जाना पड़ेगा?”

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“क्या मुझे भी सड़क बनवाने के लिए अंतरिक्ष जाना पड़ेगा?”

लखनऊ के मूल निवासी और गगनयात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष मिशन के बाद अपने गृहनगर वापसी को लेकर शहर में उत्साह था और उनके घर के बाहर ख़राब सड़क को नया स्वारूप दिया जा रहा था ,लेकिन इसी बात को लेकर x पर एक व्यक्ति ने प्रदेश सरकार पर एक टिप्पीड़ि करते हुई कहा,क्या मुझे भी अपने घर के बाहर की ख़राब सड़क को बनवाने के लिए अंतरिक्ष जाना पड़ेगा ? 

सड़क निर्माण और नगर निगम की जिम्मेदारी पर विवाद

शुभांशु शुक्ला की वापसी पर उनके घर के बाहर की सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है, प्रदेश में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी ने ध्यान खींचा। उन्नाव के एक स्थानीय व्यक्ति ने X पर तंज कसते हुए लिखा, “क्या मुझे भी सड़क बनवाने के लिए अंतरिक्ष जाना पड़ेगा?” इस टिप्पणी ने लखनऊ में सड़कों की बदहाल स्थिति और नगर निगम की जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए।

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लखनऊ में कई इलाकों, जैसे गोमती नगर, नौबस्ता, और आलमबाग, में सड़कें और गलियां टूटी हुई हैं, और सीवर व्यवस्था की कमी के कारण बारिश में जलभराव की समस्या आम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। एक नागरिक ने कहा, “हम टैक्स देते हैं, लेकिन सड़कें और बुनियादी सुविधाएं ठीक नहीं होतीं। अगर कोई बड़ा काम करने वाला व्यक्ति आए, तभी सड़कें बनती हैं।”

नगर निगम की जिम्मेदारियों में सड़क निर्माण, सीवर प्रबंधन, और शहर की स्वच्छता शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट उपलब्ध है, तो अधिकारियों और सभासदों को पुरानी और टूटी सड़कों को ठीक करने में देरी नहीं करनी चाहिए। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “नगर निगम को अपनी जिम्मेदारियों से भागना नहीं चाहिए। जनता के टैक्स का पैसा बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए।”

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