HomeINDIAवक्फ संशोधन बिल के खिलाफ 15 मिनट के ब्लैकआउट ने रोकी रफ्तार

वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ 15 मिनट के ब्लैकआउट ने रोकी रफ्तार

मुस्लिम समुदाय ने जताया शांतिपूर्ण विरोध

लखनऊ, 30 अप्रैल । वक्फ संशोधन बिल 2025 के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के आह्वान पर आज रात 9:00 बजे से 9:15 बजे तक लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश और भारत के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में 15 मिनट का ब्लैकआउट देखा गया।
इस प्रतीकात्मक विरोध के तहत लोगों ने अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर शांतिपूर्ण तरीके से बिल के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज की।

शांतिपूर्ण विरोध का नया तरीका

वक्फ संशोधन बिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जमीयत उलेमा-ए-हिंद सहित कई संगठनों की ओर से छह याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर अगली सुनवाई 16 अप्रैल को निर्धारित है। इन याचिकाओं में बिल को संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया गया है। इसके बावजूद, मुस्लिम समुदाय ने शांतिपूर्ण विरोध का रास्ता चुना और 15 मिनट के ब्लैकआउट के जरिए अपनी एकजुटता दिखाई। लखनऊ के टीले वाली मस्जिद के शाही इमाम मौलाना कारी सैयद फजलुल मन्नान रहमानी ने भी लोगों से इस ब्लैकआउट में हिस्सा लेने की अपील की थी।पुराने लखनऊ के दरगाह हजरत अब्बास रोड, रुस्तम नगर, नजफ रोड, चौपटिया, भोलानाथ कुआं, हुसैनाबाद, घंटाघर, शीश महल, सुरैया मंजिल, सआदतगंज, गोलागंज,मकबरा,वजीरगंज, मुफ्तीगंज, मुसाहबगंज सहित तमाम मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रात 9:00 बजे से 15 मिनट तक अंधेरा छाया रहा। उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों और देशभर में भी इस ब्लैकआउट का व्यापक असर देखा गया, जहां लोगों ने अपने क्षेत्रों की लाइटें बंद कर विरोध दर्ज किया।

AIMPLB के प्रवक्ता डॉ. एसक्यूआर इलियास ने कहा, “यह प्रतीकात्मक कदम विरोध की शक्तिशाली अभिव्यक्ति है। हमारा उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से सरकार को यह संदेश देना है कि यह बिल संविधान के खिलाफ है।” AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी लोगों से इस अभियान में शामिल होने का आग्रह किया था।आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट का फैसला और मुस्लिम समुदाय के अगले कदम इस आंदोलन की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, आज के इस ब्लैकआउट ने देशभर में एकजुटता और शांतिपूर्ण विरोध का संदेश दिया है।

Must Read