HomeCITYमौलाना कल्बे जवाद और अली ज़ैदी के फैसले से मिली राहत की...

मौलाना कल्बे जवाद और अली ज़ैदी के फैसले से मिली राहत की सांस

हुसैनी टाइगर्स की निष्पक्ष जांच ने ग़रीबो को लौटाई मुस्कुराहट

लखनऊ,संवाददाता। जब किसी के साथ अत्याचार होता है तो पीड़ित की बद्दुआएं अत्याचारी को देर से ही सही, लेकिन आख़िरकार नेस्तोनाबूद कर ही देती हैं । लेकिन जब कोई किसी के साथ हमदर्दी करता है और उसके अधिकार के लिए सामने आ कर उसका हक उसको दिलवा देता है तो लोगों की दुआएं उसके लिए वरदान साबित होती हैं। इसी तरह का मामला आलम नगर स्थित वक़्फ़ सज्जादिया कॉलोनी का हुआ,जहाँ एक व्यक्ति ने धर्मगुरु सय्यद कल्बे जव्वाद नक़वी के नाम पर निर्धन लोगों के भवनों के ताले तुड़वाकर उनको उजाड़ने का प्रयास किया वहीं धर्मगुरु कल्बे जव्वाद नक़वी सहित चेयरमैन शिया वक़्फ़ बोर्ड अली ज़ैदी और हुसैनी टाइगर्स के संस्थापक शमील शम्सी ने निर्धन किरायदारों को इंसाफ दिलवाकर ढेरों दुआएं बटोरी हैं। दरअस्ल वक़्फ़ सज्जादिया आलमनगर में गरीबों के पुराने प्लाट के आवंटन को रद्द कर अवैध रूप से नए आवंटियों को प्लाट आवंटित कर दिए गए थे। इस मामले को लेकर


पिछले कई दिनों से समाचार पत्रों में ख़बरें प्रकाशित हो रही थीं जिसका संज्ञान लेते हुए मौलाना कल्बे जवाद नक्वी व शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने एक जांच कमेटी बनाकर सत्यता का पता लगाने के लिये सज्जादिया कॉलोनी आलमनगर भेजा, कमेटी के सदस्य शमील शमसी व नकी हुसैन के सज्जादिया कॉलोनी पहुंचने की खबर लगते ही लोगों की भीड़ जमा होगई, पीड़ित महिलाओं और बुजुर्गों ने रो-रो कर शमील शमसी और नक़ी हुसैन को उनके साथ हुई नाइंसाफी की दास्तान बयान की शमील शमसी और नक़ी हुसैन ने उन्हें ढारस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि मौलाना कल्बे जव्वाद व चेयरमैन अली जैदी ने उन्हें यह हिदायत देकर भेजा है की किसी भी पीड़ित के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होने दी जायेगी।

हुसैनी टाइगर्स के पदाधिकारी शमील शमसी और नक़ी हुसैन ने निरस्त किये गये प्लॉट और मकानों का मुआयना किया।

जांच कमेटी के सदस्यों को पीड़ितों ने रो-रोकर बताया कि किस तरह मोहम्मद, मोलवी हसन जाफर, ने अपने फायदे के लिए साजिश रच कर उन लोगों के प्लाट कैंसिल करके अपने ख़ास लोगों को एलॉट करवा दिये । पीड़ितों ने जांच कमेटी को बताया कि किस तरह उनके मकानों के ताले तोड़ कर ज़बरदस्ती क़ब्ज़ा ले लिया गया।

जांच कमेटी को पीड़ितों ने यह भी बताया कि वह कई बार मौलाना कल्बे जवाद से मिलने उनके आवास पर गए लेकिन उन्हें वहां मौजूद कुछ लोगों द्वारा यह कहकर वापस कर दिया जाता था की मौलाना घर पर नहीं है।

शमील शमसी और नकी हुसैन ने पीड़ितों की समस्याओं को सुनने के बाद पूरी कॉलोनी का मुआयना किया तथा अन्य लोगों से भी इस प्रकरण में जानकारी ली तथा जांच कमेटी ने पाया कि समाचार पत्रों में लगातार छप रही गरीबों के साथ अन्याय की खबरों और पीड़ितों द्वारा दी गई जानकारी सही है।

जाँच कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सज्जादिया कालोनी आने से पहले मौलाना कल्बे जवाद ने उनको सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वह लोग निष्पक्ष जांच करके मौके पर ही पीड़ितों की समस्या का समाधान करें।

जांच के बाद कमेटी के द्वारा मौके पर ही निर्णय लेते हुए कहा कि पूर्व में अलॉट किए गए प्लाटों का कोई भी आवंटन रद्द नहीं किया जाएगा, साथ ही सभी बकायेदारों से किराया जमा करने की हिदायत भी दी।

शमील शम्सी और नक़ी हुसैन के द्वारा निष्पक्ष फैसला किये जाने से ख़ुश कालोनी वासियों ने उन्हें ख़ूब दुआयें दी तथा कहा कि जिस तरह उनसे इनलोगों ने हम ग़रीबो को आज खुशियां लौटाई हैं, अल्लाह इनको हमेशा खुश रखे और कामियाब करे।

कालोनी वासियों ने मौलाना कल्बे जव्वादऔर चेयरमैन अली ज़ैदी का शुक्रिया अदा किया और उनकी सलामती के लिये दुआ की। उनलोगों ने कहा कि उन्हें पहले दिन से ही पता था की आफताब ए शरियत मौलाना कल्बे जव्वाद हम गरीबों के साथ कभी नाइंसाफी नहीं कर सकते। उनका कहना था कि हम सबको अच्छी तरह पता था कि उनके साथ जो कुछ भी हो रहा है उसकी ख़बर मौलाना नहीं है, उनका कहना था कि मौलाना ने ही उन्हें यहां बसाया है ,वो क्यों हमे उजाड़ेंगे, मौलाना कल्बे जव्वाद ने हम गरीबों के साथ इंसाफ किया है, अल्लाह हमारे रहबर को ज़िंदा और सलामत रखे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read