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हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्तियों पर रिश्वत के दम पर हों रहे हैं अवैध निर्माण

ज़की भारतीया

लखनऊ | “जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों” ये गाना तो आपका हज़ारों बार का सुना हुआ होगा और लोगों की ये धरना भी है कि अगर किसी का कोई नहीं है तो उसकी सहायता खुदा ज़रूर करता है ,लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जिसकी देख रेख करने वाले बहुत से लोग होते हैं बावजूद इसके उन विभागों में भ्र्ष्टाचार चरम पर रहता है | इसका ज़िम्मेदार कौन होता है ये विभाग का सबसे बड़ा अधिकारी तय करता है ,लेकिन जब उच्चाधिकारी किसी कारणवंश अपनी आँखें मूंद ले तो विभाग तबाही की तरफ चल निकलता है | वैसे तो कोई विभाग ऐसा है ही नहीं जहाँ भ्र्ष्टाचार के बीज एक विशाल वृक्ष का रूप न ले चुके हों लेकिन फिर भी उन बीजों को अंकुर बनने से रोका जा सकता है |

हुसैनाबाद ट्रस्ट हो या शिया और सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड, भारतीय पुरातत्व विभाग हो या लखनऊ विकास प्राधिकरण, इस तरह के अधिकतर विभागों में भ्रष्टाचार के शजर आसमान चूमने के प्रयास में लगे हुए हैं | हुसैनाबाद की जहाँ करोड़ों रूपए की संपत्तियों वर्षों पूर्व ट्रस्ट के हाथों से निकल चुकी हैं तो वहीँ अब हुसैनाबाद ट्रस्ट के किराएदार रिश्वत के दम पर ट्रस्ट की आज्ञा के बिना धड़ल्ले से अवैध निर्माण करवा रहे है जिसपर कोई कार्रवाई करने वाला भी नहीं है |
लखनऊ के रौज़ा -ए-काज़मैन के पीछे खुलेआम ट्रस्ट की परमीशन के बिना घर बनवाए गए लेकिन उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई | यही नहीं हुसैनाबाद क्षेत्र में स्थित छोटे इमामबाड़े के पीछे कई भवनों का निर्माण किया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई | हुसैनबाद क्षेत्र में स्थित धोबियाना में बिना परमीशन मंदिर का निर्माण किया गया और दीवारें उठवाई गईं,हुसैनाबाद चौकी का निर्माण हुआ लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई ,धोबियाना  में मंदिर के अलावा कई भवन दो मंज़िला बन गये लेकिन उनको कोई नोटिस भी नहीं दिया गया | ये स्थान तो फिर भी हुसैनाबाद ट्रस्ट के कार्यालय से 500 मीटर की दूरी पर हैं लेकिन अभी तक जो अवैध निर्माण हों रहा है वो हुसैनाबाद ट्रस्ट कार्यालय के नाक के नीचे है ,जहाँ स्लैप पड़ चुकी है पाड़ आधी खुल चुकी है और बाक़ी अभी खुलना है | जी हाँ ये निर्माण पिक्चर गैलरी के ठीक सामने हों रहा है |


जानकारी के अनुसार पिक्चर गैलरी के सामने हुसैनाबाद ट्रस्ट की एक महिला किराएदार हैं जिनका बेटा शोएब हैदर कई महीनों से अवैध निर्माण करवा रहा है लेकिन ट्रस्ट के ज़िम्मेदार कर्मचारी रिश्वत का काला चश्मा लगाकर अपने कार्यालय आते और जाते हैं शयद इसलिए उनको अभी तक ये अवैध निर्माण नज़र नहीं आया |

अब कहाँ हैं प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र ?

हुसैनाबाद ट्रस्ट के पूर्व सचिव ने ऐसे ही एक मामले में एक कर्मचारी को निलंबित करके अपने दामन पर आए लापरवाही के दाग़ को धो डाला था जिसमे पूर्व प्रभारी अधिकारी का भी नाम उछल रहा था | लेकिन पूर्व प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र के निलंबन के बाद अगर अवैध निर्माण रुक गए होते तो ये माना जा सकता था कि तमाम अवैध निर्माण पूर्व प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र करवा रहा था लेकिन उसके निलंबन के बाद से जारी अवैध निर्माणों का अब कौन ज़िम्मेदार होगा ? आखिर कहाँ हैं अब प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र ?
बताते चलें कि निलंबित प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र के कांधों पर चार कर्मचारियों के कार्य  की अकेले ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी | लेकिन उसको निलंबित करवाने में उनका हाथ था जो अवैध निर्माण करवा रहे थे | उसके निलंबन के बाद वो अवैध कार्य भी पूरा हों गया जिसको रुकवाने में वो निलबित हुआ था | अब प्रशन्न ये उठता है कि जिस कारण उस कर्मचारी को निलंबित किया गया था वही अवैध निर्माण उसके निलंबन के बाद किसकी शह पर पूरा हुआ था और कौन था वहां का ज़िम्मेदार प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र ?

हम आपको दिखाते हैं वो फोटो जब वहां अवैध निर्माण जारी था |

मौजूदा हुसैनाबाद ट्रस्ट के सचिव को ज़िम्मेदार कर्मचारी कर रहे हैं गुमराह

14 जनवरी को हुसैनाबाद ट्रस्ट कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट / सचिव हुसैनाबाद ट्रस्ट से जब हमारे संवाददाता ने मुलाक़ात कर अवैध निर्माणों के बावत सवाल किया था ,जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि वो अभी जल्द ही आए हैं पूरा प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं हैं ,लेकिन फिर भी उन्होंने वसीक़ा क्लार्क /प्रभारी बड़ा इमाम बाड़ा  को बुलाकर अवैध निर्माणों को रोके जाने कि हिदायत की जिसके जवाब में वसीक़ा क्लार्क / प्रभारी बड़ा इमाम बाड़ा हबीबुल ने कहा था कि उनको नोटिस भेज दिया गया हैं | हालाँकि नोटिस तो एक बहाना होता हैं क्योंकि जब तक वो नोटिस का उत्तर देंगे तब तक पूरा निर्माण हों जाएगा और वही हुआ भी | हुसैनाबाद चौराहे पर हुए अवैध निर्माण के मामले में ही एक प्रापर्टी सुपरवाइज़र निलंबित किया गया था और उसके निलंबन के बाद ही ये दो मंज़िला अवैध निर्माण हुआ हैं | अब देखना ये हैं कि क्या इस मामले में ज़िम्मेदार प्रॉपर्टी सुपरवाइज़र निलंबित किया    जाएगा ?

पूर्व सचिव हुसैनाबाद ट्रस्ट से हुई शिकायत में आया था इस कर्मचारी का नाम

हुसैनाबाद ट्रस्ट के एक चतृर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सचिव हुसैन बाद ट्रस्ट को उनके व्हाट्सऐप्प पर अवैध निर्माण की फोटो सहित भेजी शिकायत में लिखा कि ” सर ये कंस्ट्रक्शन हुसैनाबाद में हों रहा हैं उनको मना किया था सर कहने लगे हबीबुल से बात हों गई हैं सोनू नाम हैं चौकी इन्चार्जे के पास एप्लीकेशन हैं सर …..हम आपको इंफार्म कर रहे हैं ..
डबल स्टोरी कंस्ट्रक्शन हों रहा हैं” इसका स्क्रीन शॉट भी खबर के साथ दिखाया जा रहा हैं | इसके बाद क्या कार्रवाई हुई ये अभी नहीं पता चल सका हैं | हालाँकि हबीबुल हसन ने बताया कि वो वसीक़ा क्लार्क /प्रभारी बड़ा इमाम बाड़ा हैं न कि प्रापर्टी सुपरवाइज़र |

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