HomeUTTAR PRADESHकोविड-19 का हंटर, बंद स्थानों पर 200 से अधिक लोगों पर पाबंदी

कोविड-19 का हंटर, बंद स्थानों पर 200 से अधिक लोगों पर पाबंदी

30 दिन तक किसी भी प्रकार के सामूहिक आयोजनों पर लगा प्रतिबंध

सोशल मीडिया पर भावनाओं को आहत करने वालों की ख़ैर नहीं

लखनऊ, संवाददाता। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतगणना और आने वाले त्योहार होली के मद्देनजर लगाई गई धारा 144 कमिश्नरेट इलाके में 10 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। ये फैसला आगामी राजनीतिक पार्टियों, संभावित धरना-प्रदर्शनों, त्योहारों और किसान संगठनों व अन्य को देखते हुए प्रशासन नें लिया है।

शांतिभंग होने की आशंका पर उठाए गए ये क़दम

शांतिभंग होने की आशंका को देखते हुए मकान की छतों पर ईंट, पत्थर, सोडावाटर की बोतल आदि के इस्तेमाल पर रोक है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति मौखिक या लिखित, इलेक्ट्रानिक या सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना या ऐसी अफवाहें नहीं फैलाएगा, जिससे कि शांतिभोग होने की आशंका हो। न ही सोशल मीडिया पर किसी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे कि धार्मिक भावनाएं आह्त हों। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस कानून-व्यवस्था ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि मतगणना के बाद विजयी प्रत्याशियों व उनके समर्थकों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आदेश दिया है कि किसी भी कार्यक्रम के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी। मनाही के बावजूद अगर कोई विजयी जुलूस निकालता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मार्च में कई प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं, ऐसे में यह व्यवस्था अप्रैल माह तक लागू रहेगी।

कोविड-19 हेल्प डेस्क, स्क्रीनिंग की व्यवस्था लागू

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर और चुनाव व त्योहार का माहौल देखते हुए सिनेमा हॉल, होटल, फूड,रेस्टोरेंट पॉइंट्स में कोविड-19 हेल्प डेस्क, स्क्रीनिंग की व्यवस्था व मास्क का प्रयोग किया जाएगा। बंद स्थानों में एक समय पर 200 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी। धारा 144 के कारण शहर में 30 दिन तक किसी भी प्रकार के सामूहिक आयोजनों पर प्रतिबंध रहेगा।
शांतिभंग होने की आशंका को देखते हुए मकान की छतों पर ईंट, पत्थर, सोडावाटर की बोतल आदि के इस्तेमाल पर रोक है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति मौखिक या लिखित, इलेक्ट्रानिक या सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचना या ऐसी अफवाहें नहीं फैलाएगा, जिससे कि शांतिभोग होने की आशंका हो। न ही सोशल मीडिया पर किसी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे कि धार्मिक भावनाएं आह्त हों।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read